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आख़िरी बातचीत

‘हम अनंत अर्थों के संसार में उपस्थित हैं’—शीर्षक से यह आख़िरी बातचीत (आग्नेय और अविनाश मिश्र) आग्नेय की मृत्यु के तीन रोज़ बाद ‘सदानीरा’ पर प्रकाशित हुई। यह बातचीत कई वर्षों तक धीमे-धीमे फ़ेसबुक मैसेंजर के माध्यम से संभव हुई थी।

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