गद्य

गद्य

शब्दातीत

आग्नेय का गद्य-संग्रह—पहले पहल प्रकाशन (भोपाल) से वर्ष 2011 में प्रकाशित। इसमें कवि की डायरी (कोई रो रहा है), नोट्स (प्रतिबिम्ब से वार्तालाप) और टिप्पणियाँ (सत्यापित हैं शब्द) शामिल हैं। इस गद्य में निजता भी है और सामाजिकता भी। निजी यहाँ अचानक ही सामाजिक हो उठता है और सामाजिक अचानक ही निजी।

सत्यापित

आग्नेय का एक और गद्य-संग्रह—पहले पहल प्रकाशन (भोपाल) से वर्ष 2011 में प्रकाशित। इसमें कवि के पैंतीस आलेख सम्मिलित हैं। रचना से प्रेम और सत्य की तलाश को केंद्र में रखने वाली यह पुस्तक नामवर सिंह, विश्वनाथ त्रिपाठी और अशोक वाजपेयी को मैत्री की स्मृतियों के लिए समर्पित है।

यमक

आग्नेय के एक और गद्य-संग्रह (अब तक अप्रकाशित) की पांडुलिपि। इसमें चार भागों—निंदक नियरे राखिये, शब्दछाया, दर्पण में दर्पण, उपान्त्य—में कवि के विविध निबंध संकलित हैं। इनकी कुल संख्या सत्ताईस है। यह पुस्तक लेखक ने अपने उन मित्रों को समर्पित की है जो अब शत्रु हो चुके हैं।

एक दिन का जीवन

Copper wire, wood base. I created this piece in late 2008. For this work, I aimed to convey both the industrial heaviness of an airplane, but also the cloudlike floating quality you feel when you’re in one.

आग्नेय-समग्र

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